Considerations To Know About Subconscious Mind Programming


मुर्गे ने जवाब दिया, "वह घोड़ा दूसरी जगह मर गया। मालिक घोड़ा बेचकर हानि उठाने से बच गया और अपना नुकसान दूसरों पर डाल दिया, लेकिन कल इसका ऊंट मर जायेगा। तो कुत्तों के पौबारह हैं।"

चोरों ने कहा, "अन्नदाता, हममें से हरएक ने अपना-अपना काम कर दिखाया। अब छठे की बारी है। अब आप अपना हुनर दिखायें, जिससे हम अपराधियों की जान बचे।"

ऊंट ने कहा, "खबरदार, आगे फिर कभी ऐसी गुस्ताखी न करना, नहीं तो स्वयं हानि उठायेगा। अपने जेसे चूहों के आगे तुम चाहे कितनी ही डींग हांको, परन्तु ऊंट के आगे चूहा जीभ नहीं हिला सकता!"

सुलेमान ने कहा, "बहुत बच्छा, हम तुम्हारा इंसाफ करते हैं, मगर दूसरे पक्ष का होना भी जरूरी है!

[इस तरह के शिक्षा ग्रहण करने के योग्य चिह्न सब मनुष्यों की दशा में विद्यमान हैं, परन्तु वे सांसारिक मोह में फंसे रहने के कारण इनपर ध्यान नहीं देते। यह हृदय, जिसमें ईश्वरीय ज्योति का प्रकाश नहीं पहुंचता, नास्तिक की आत्मा की तरह अन्धकारमय है। ऐसे हृदय से तो कब्र ही अच्छी है।]

[४]बीसवीं शताब्दी में उनकी कृतियाँ विद्वत्ता और निष्पादन के क्षेत्रों में होने वाले नए आंदोलनों के द्वारा बार बार अपनाई और पुनार्न्वेषित की गयीं . उनके नाटक आज भी बहुत लोकप्रिय हैं पूरी दुनिया में विभिन्न सांस्कृतिक तथा राजनीतिक सन्दर्भों में निरंतर मंचित और पुनर्व्याख्यायित हो रहे हैं.

[याद रखो, सुन्दर और लुभावना रूप होते हुए भी यदि मनुष्य में अवगुण हैं तो उसका मान नहीं हो सकता। और यदि रूप बुरा, पर चरित्र अच्छा है तो उस मनुष्य के चरणों में बैठकर प्राण विसर्जन कर देना भी श्रेष्ठ है।] १

जब खलीफा ने देखा और इसका हाल सुना तो मशक को अशर्फियों से भर navigate here दिया। इतने बहुमल्य उपहार दिये कि वह अरब भूख-प्यास भूल गया। फिर एक चोबदार को दयालु बादशाह ने संकेत किया, "यह अशर्फी-भरी मशक अरब के हाथ में दे दी जाये और लौटते समय इसे दजला नदी के रास्ते रवाना किया जाये। वह बड़े लम्बे रास्ते से यहां तक पहुंचा है। और दजला का मार्ग उसके घर से बहुत पास है। नाव में बैठेगा तो सारी पिछली थकान भूल जायेगा।"

अनुवाद करने में here मैने निम्नलिखित पुस्तकों से सहायता ली है:

हजरत रसूल ने बीमार से कहा, "तू खुदा से दुआ कर कि वह तेरी कठिनाइयों को आसान करे। ऐ खुदा!

औरत ने कहा, "तुम यह प्रतिज्ञा सच्चे दिल से कर रहे हो या चालाकी से मेरे दिल का भेद ले रहे हो?"

तीसरी बोला, "मुझमें ऐसी शक्ति है कि मज़बूत दीवार में सेंध लगा सकता हूं और यह काम मैं ऐसी फूर्ती और सफाई से करता हूं कि सोनेवालों की आंखें नहीं खुल सकतीं और घण्टों का काम मिनटों में हो जाता है।"

" इस प्रकार सैयद को जाने क्या-क्या बुरा भला कहा। मौलवी चुपचाप सुनता रहा, तब उस दुष्ट ने सैयद का भी पीछा किया और रास्ते में रोककर कहा, "अरे मूर्ख! इस बाग में तुझे किसने बुलाया? अगर तू नबी सन्तान होता तो यह कुकर्म न करता।"

सब पक्षियों ने अपनी चहचहाहट छोड़ दी और सुलेमान की संगति में आकर मनुष्यों से भी अधिक उत्तम बोली बोलने लगे। सब पक्षी अपनी-अपनी चतुराई और बुद्धिमानी प्रकट करते थे। यह आत्म-प्रशंसा कुद शेखी के कारण न थी; बल्कि वे सुलेमान के प्रति पक्षी-जगत् के भाव व्यक्त करना चाहते थे, जिससे सुलेमा को उचित आदेश देने और प्रजा की भलाई करने में सहायता मिले। होते-होते हुदहुद की बारी आयी। उसने कहा, "ऐ राज!

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15

Comments on “Considerations To Know About Subconscious Mind Programming”

Leave a Reply

Gravatar